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कलिंगा कंपनी पर 5.48 लाख रुपये संपत्ति कर बकाया, नगर निगम की लापरवाही उजागर सिंगरौली।

कलिंगा कंपनी पर 5.48 लाख रुपये संपत्ति कर बकाया, नगर निगम की लापरवाही उजागर सिंगरौली।

सिंगरौली नगर पालिका निगम द्वारा जारी संपत्ति कर बिल में कलिंगा कंपनी (Kalinga Company) पर 5 लाख 48 हजार 578 रुपये का बकाया सामने आया है। यह बिल नगर निगम द्वारा मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम की धारा 173 के अंतर्गत जारी किया गया है, जिसकी तिथि 30 अप्रैल 2024 है और यह वित्तीय वर्ष 2024–25 से संबंधित है नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार कलिंगा कंपनी की संपत्ति एनसीएल अमलोरी क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 24, जोन-01 में स्थित है, जिसका उपयोग व्यावसायिक (कमर्शियल) श्रेणी में किया जा रहा है। दस्तावेजों में कंपनी की दो प्रकार की संपत्तियों पर कर निर्धारण दर्शाया गया है नगर निगम के कर निर्धारण विवरण के अनुसार कंपनी के पास एक सीमेंट/टिन शेड (ग्राउंड फ्लोर) है, जिस पर लगभग 19.48 लाख रुपये के मूल्यांकन के आधार पर कर तय किया गया है, जबकि खुली भूमि (ओपन लैंड) पर लगभग 1.54 लाख रुपये का कर निर्धारण किया गया है। दोनों संपत्तियों को मिलाकर कुल कर योग्य क्षेत्रफल 56,616 वर्ग इकाई बताया गया है।

वित्तीय वर्ष 2024–25 के लिए संपत्ति कर 2.10 लाख रुपये, शिक्षा उपकर 10,514 रुपये, नगर विकास उपकर 42,050 रुपये एवं सामाजिक कर 4,386 रुपये निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही पिछले वर्षों का बकाया 2.93 लाख रुपये तथा 26,723 रुपये अधिभार जोड़कर कुल देय राशि 5.48 लाख रुपये तय की गई है।

नगर निगम की सख्ती के दावे, लेकिन कार्रवाई शून्य

नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि समय पर संपत्ति कर जमा नहीं करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बकाया राशि जमा नहीं होने की स्थिति में अधिभार बढ़ाने के साथ कुर्की की कार्रवाई का भी प्रावधान है। हालांकि इतने बड़े बकाया के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई न होना नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।

गर निगम द्वारा करदाताओं को क्यूआर कोड, पेटीएम सहित ऑनलाइन पोर्टल mpnagarपालिका.gov.in के माध्यम से भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

फिलहाल जिले के कलेक्टर को स पूरे मामले में नगर निगम की लापरवाही स्पष्ट रूप से सामने आ रही है। इतना बड़ा बकाया होने के बावजूद न तो वसूली की प्रभावी पहल की गई और न ही सख्त कदम उठाए गए। अब जिले के कलेक्टर से अपेक्षा की जा रही है कि वे इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से संज्ञान में लेकर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोहराई न जा सके।

Author

  • अजय शर्मा | प्रधान संपादक


    ✔ भारत सरकार से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार
    RNI / PRGI / MPHIN/26/A0617

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