DPS Vindhyanagar में कथित Cheating का मामला, PMO की Enquiry Letter से बढ़ी हलचल
DPS Vindhyanagar में कथित Cheating का मामला, PMO की Enquiry Letter से बढ़ी हलचल

सिंगरौली। डीपीएस विंध्यनगर में लिखित परीक्षा के दौरान कक्षा 12-B, 12-C एवं 12-D में विद्यार्थियों द्वारा कथित रूप से खुलेआम नकल किए जाने के मामले में एक और गंभीर जानकारी सामने आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 8 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से भी इस प्रकरण की जांच के संबंध में विद्यालय को एक Enquiry Letter प्राप्त हुआ है PMO की ओर से मामले में संज्ञान लिए जाने की जानकारी सामने आने के बाद अब पूरे प्रकरण की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर सवाल और गहरे हो गए हैं। हालांकि, PMO पत्र और संबंधित दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि किया जाना अभी बाकी है इससे पहले अभिभावकों की ओर से भेजी गई शिकायत में आरोप लगाया गया था कि 6 जनवरी 2026 को CBSE Board Physics Practical Exam के दौरान शिक्षक Ameet Kumar द्वारा विद्यार्थियों को कथित रूप से नकल की अनुमति देने जैसी बात कही गई। शिकायत में एक वीडियो का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें कथित तौर पर शिक्षक के मुंह से “You are having liberty to copy” कहे जाने का दावा किया गया है प्राचार्य Dr. Janardan Pandey को मामले की जानकारी होने के बावजूद CBSE, NTPC Management और DPS Society को कथित रूप से अलग जानकारी दी गई। शिकायत में यह सवाल भी उठाया गया है कि क्या परीक्षा में हुई कथित अनियमितता को “Mock Test” बताकर मामले को हल्का करने का प्रयास किया गया वहीं, शिकायत में एक अन्य वीडियो का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि प्राचार्य और विद्यालय की कर्मचारी Garima Tiwari के बीच बातचीत में भी संबंधित शिक्षक से गलती होने की बात सामने आती है। इन सभी दावों की सत्यता वीडियो, दस्तावेजों और संबंधित पक्षों के बयान की स्वतंत्र जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकती है कथित नकल प्रकरण से जुड़े शिक्षक Ameet Kumar को 13 जुलाई 2026 को बैकडेट से HM पद का Promotion Letter जारी किया गया। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि यह निर्णय NTPC Management और DPS Society को जानकारी दिए बिना लिया गया। इस आरोप की भी आधिकारिक पुष्टि अभी अपेक्षित है PMO को कथित रूप से भेजे गए Enquiry Letter की जानकारी सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या विद्यालय इस पूरे मामले की निष्पक्ष, स्वतंत्र और साक्ष्य आधारित जांच कराएगा? क्या संबंधित वीडियो, परीक्षा कक्ष में मौजूद विद्यार्थियों के बयान, परीक्षा संबंधी रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और CBSE से हुए पत्राचार की जांच होगी? क्या यदि जांच में शिक्षक या किसी अन्य जिम्मेदार व्यक्ति की भूमिका प्रमाणित होती है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी? और सबसे महत्वपूर्ण—क्या किसी व्यक्ति को बचाने से अधिक प्राथमिकता विद्यालय की चार दशक पुरानी प्रतिष्ठा, विद्यार्थियों के भविष्य और CBSE परीक्षा की निष्पक्षता को दी जाएगी? डीपीएस विंध्यनगर की प्रतिष्ठा केवल किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि हजारों विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों, कर्मचारियों, NTPC Management, DPS Society और वर्षों से जुड़े समाज के विश्वास की धरोहर है विद्यालय प्रबंधन, NTPC Management, DPS Society और संबंधित जांच एजेंसियों पर हैं कि वे सामने आए आरोपों और साक्ष्यों की किस तरह जांच करते हैं और क्या कार्रवाई की जाती है यह समाचार प्राप्त शिकायत, आरोपों और उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित है। संबंधित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तथा सभी पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना शेष है।













