NEET विवाद का हवाला देते हुए DPS विंध्यनगर के कथित नकल प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग, अभिभावक ने उठाए कई गंभीर सवाल
NEET विवाद का हवाला देते हुए DPS विंध्यनगर के कथित नकल प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग, अभिभावक ने उठाए कई गंभीर सवाल

सिंगरौली। देशभर में NEET परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं को लेकर उठे सवालों के बीच अब सिंगरौली स्थित DPS विंध्यनगर में सामने आए कथित सामूहिक नकल प्रकरण को लेकर भी निष्पक्ष जांच की मांग हुई हैं अभिभावक ने संबंधित अधिकारियों को भेजे पत्र में कहा है कि यदि परीक्षा संबंधी अनियमितताओं पर प्रारंभिक स्तर पर ही पारदर्शी और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होती, तो इससे विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा पूरे समाज का शिक्षा व्यवस्था पर विश्वास प्रभावित होता है पत्र में आरोप लगाया गया है कि CBSE Board Practical Exam – Physics Subject की लिखित परीक्षा के दौरान परीक्षा कक्ष 12-B, 12-C एवं 12-D में शिक्षक Ameet Kumar एवं Naman Tiwari द्वारा विद्यार्थियों को कथित रूप से खुलेआम नकल करने के लिए प्रेरित किया गया शिकायतकर्ता का दावा है कि इस घटना से जुड़े वीडियो और CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हैं, जिनमें दोनों शिक्षकों का कथित आचरण दिखाई देता है पत्र में इन फुटेज को मामले के महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में उल्लेखित किया गया है शिकायत में यह भी कहा गया है कि उसी दिन कक्षा XII-C के छात्र Akshit Kr. Singh, पुत्र Dr. Rajpal Singh, ने पूरे घटनाक्रम की शिकायत विद्यालय के प्राचार्य Dr. Janardan Pandey से करते हुए संबंधित परीक्षा कक्ष की CCTV फुटेज की जांच कराने का अनुरोध किया था। आरोप है कि शिकायत के बावजूद न तो निष्पक्ष जांच कराई गई और न ही किसी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई की गई अभिभावकों की शिकायत के बाद जब CBSE ने इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा, तब विद्यालय प्रबंधन द्वारा कथित रूप से बोर्ड प्रायोगिक परीक्षा में हुई अनियमितता को “Mock Test” बताकर वास्तविक स्थिति को छिपाने का प्रयास किया गया शिकायतकर्ता ने एक वायरल वीडियो का हवाला देते हुए दावा किया है कि उसमें प्राचार्य Dr. Janardan Pandey अपनी सहकर्मी Garima Tiwari (LDC) से बातचीत के दौरान कथित रूप से यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि “Ameet Kumar से गलती हुई है” तथा “CBSE मार्च या अप्रैल में इसकी जांच कर सकती है।” शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि प्राचार्य स्वयं परीक्षा के दौरान हुई कथित अनियमितता से अवगत थे, तो अब तक संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं की गई पत्र में एक अन्य वायरल वीडियो का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें कथित रूप से प्राचार्य और शिक्षक Ameet Kumar के बीच नकल प्रकरण को लेकर बातचीत सुनाई देती है। शिकायतकर्ता के अनुसार बातचीत में प्राचार्य कहते हैं कि CBSE Vigilance Department की ओर से आई जांच का उत्तर संबंधित शिक्षकों के जवाब के आधार पर भेज दिया गया था और उसमें यह उल्लेख किया गया कि घटना प्रैक्टिकल लैब में हुई थी साथ ही कथित रूप से यह भी कहा गया कि यदि वीडियो कक्षा का है और उसमें शिक्षक बोलते हुए दिखाई देते हैं, तो स्थिति गंभीर हो सकती है शिकायतकर्ता का दावा है कि यह बातचीत इस पूरे मामले की जानकारी विद्यालय प्रशासन को पहले से होने का संकेत देती है शिकायत में PTA Secretary Shri Suman Kr. Singh की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं पत्र के अनुसार स्टाफ मीटिंग के दौरान जांच का आश्वासन दिए जाने के बावजूद अब तक स्वतंत्र जांच नहीं कराई गई। शिकायतकर्ता ने यह आशंका भी व्यक्त की है कि चूंकि PTA सचिव की पुत्री विद्यालय में अध्ययनरत है, इसलिए वे कथित रूप से स्वतंत्र और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है पत्र के माध्यम से मांग की गई है कि पूरे प्रकरण की जांच विद्यालय प्रबंधन से अलग किसी स्वतंत्र एवं सक्षम अधिकारी से कराई जाए, ताकि परीक्षा की निष्पक्षता, पारदर्शिता और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बनी रहे। शिकायतकर्ता ने उपलब्ध वायरल वीडियो, CCTV फुटेज तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने की मांग की है फिलहाल विद्यालय प्रबंधन, संबंधित शिक्षकों एवं अन्य पक्षों की ओर से इन आरोपों पर कोई सार्वजनिक आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले में जांच के बाद ही तथ्यों की अंतिम पुष्टि हो सकेगी
शेष अगले अंक में….?













