नकल से पास होंगे बच्चे, तो भविष्य कौन संवारेगा? DPS विंध्यनगर के वायरल CCTV
नकल से पास होंगे बच्चे, तो भविष्य कौन संवारेगा? DPS विंध्यनगर के वायरल CCTV

DPS दिल्ली पब्लिक स्कूल विंध्यनगर सिंगरौली में प्राचार्य जनार्दन पांडे को लेकर उनके अपने ही विद्यालय से जो सीसीटीवी फुटेज वायरल हो रहे थे जिस प्रकार से छात्र-छात्राओं को नकल के माध्यम से पास करवाया गया यह बेहद दुखद और चिंता जनक है इसलिए कह रहा हूं क्योंकि कल को यही छात्र किसी अन्य विद्यालय में जाएंगे और वहां नकल जैसी सुविधा अगर उनको नहीं मिली तो पूरी जिंदगी पूरी करियर मां-बाप के सपने सब कुछ चौपट हो जाएंगे और ऐसे में कौन जिम्मेदार होगा प्राचार्य जनार्दन पांडे जिले के कलेक्टर या फिर जिला शिक्षा अधिकारी जिनकी भूमिका है समय-समय पर विद्यालयों में निरीक्षण करें जहां नकल हो रहे हैं वहां कार्यवाही करें और जो भी सन लिप्त हो चाहे वह किसी भी श्रेणी का हो किसी भी वर्ग विशेष का हो एक समान केवल छात्र हित या भविष्य को देखते हुए कार्यवाही करने की जरूरत है लेकिन वर्षों से प्राचार्य जनार्दन पांडे विद्यालय में पदस्थ है आज दिनांक तक इनका ट्रांसफर नहीं हुआ जो नियम में है कि निश्चित समय अवधि के अंदर प्राचार्य का ट्रांसफर होना चाहिए नए प्राचार्य को विद्यालय में परिवार देना चाहिए जिससे छात्र-छात्राओं के बीच शिक्षक शिक्षिकाओं के बीच सामंजस्य से बना रहे और बच्चों का जिंदगी करियर अच्छा रहे मां-बाप के सपने पूरे हो लेकिन विगत तीन से चार वर्षो में विद्यालय की वह दुर्दशा हुई जो कभी उम्मीद नहीं थी छात्र-छात्राओं को नकल के माध्यम से पास करवाया गया और आगे भी बच्चों को पास करवाया जा रहा सिर्फ पैसे के लालच में अधिकारियों को खुश करने के लिए तमाम प्रकार के सीसीटीवी फुटेज वायरल हुए पर सबसे खास बात जिले का जनप्रतिनिधि जिस पर लोगों को विश्वास रहता है अपना वोट कीमती वोट देकर विधायक बनाते हैं सांसद बनते हैं मुख्यमंत्री बनते हैं ऐसे लोग खामोश हैं प्राचार्य जनार्दन पांडे को संरक्षित कर रहे हैं यहां तक तो छोड़िए विपक्ष की भूमिका निभा रहे सभी राजनीतिक दल मौन सहमति दे रहे धिक्कार है ऐसी जिंदगी पर और ऐसे लोगों पर जो पब्लिक सेवा समाज सेवा करने के नाम पर प्राचार्य को संरक्षित कर रहे हैं छात्र-छात्राओं की जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं और जब चुनाव आएगा तो अपने आप को हरिश्चंद्र बताएंगे ईमानदार बताएंगे जबकि इनका पूरा कार्यकाल बड़े-बड़े नताओं अधिकारी कर्मचारियों को खुश करने में चला जाता है













