परीक्षा में कथित गड़बड़ी से प्रमोशन तक उठे सवाल, वीडियो और शिकायतों के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं?
परीक्षा में कथित गड़बड़ी से प्रमोशन तक उठे सवाल, वीडियो और शिकायतों के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं?

सिंगरौली : DPS स्कूल से जुड़े परीक्षा विवाद, कथित वीडियो साक्ष्यों, लंबित शिकायतों और Headmaster पद पर प्रमोशन को लेकर अब NTPC Management और DPS Society की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शिकायतकर्ता प्रियंशु पांडेय ने पूरे मामले में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कई ऐसे सवाल उठाए हैं, जिनका जवाब सामने आना जरूरी है परीक्षा से संबंधित शिकायतें सामने आने के बावजूद मामले की जांच और कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई। सवाल यह है कि शिकायत पर जांच किस स्तर पर हुई और यदि शिकायत को नजरअंदाज किया गया तो इसकी जिम्मेदारी किस अधिकारी की है? मामले में Principal डॉ. जनार्दन पांडेय द्वारा परीक्षा से संबंधित घटना को कथित रूप से ‘Mock Test’ बताए जाने के स्पष्टीकरण पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि बाद में संबंधित वीडियो और अन्य साक्ष्य सार्वजनिक हुए, तो क्या उस स्पष्टीकरण की दोबारा स्वतंत्र समीक्षा की गई? यदि नहीं, तो उपलब्ध साक्ष्यों के बावजूद आगे की जांच क्यों नहीं हुई अमीत कुमार को Headmaster पद पर प्रमोशन दिए जाने को लेकर उठाया गया है शिकायतकर्ता के अनुसार, जब शिकायतें और जांच की मांग लंबित थीं, तब प्रमोशन किस आधार पर स्वीकृत किया गया? क्या प्रमोशन से पहले सभी शिकायतों, वीडियो साक्ष्यों और पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की गई? क्या NTPC Management को इसकी जानकारी दी गई और उसकी स्वीकृति प्राप्त की गई Principal डॉ. जनार्दन पांडेय और गरिमा तिवारी से संबंधित कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के वीडियो एवं शिकायतों का भी उल्लेख किया गया है। इनमें R.D. शर्मा (HOHR), कामना शर्मा (AGM-HR) और अर्चना द्विवेदी (TI) से संबंधित कथित टिप्पणियों की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का सवाल है कि यदि शिकायतें और वीडियो संबंधित अधिकारियों तक पहुंच चुके हैं, तो अब तक स्वतंत्र जांच और जवाबदेही तय क्यों नहीं हुई? पूर्व Headmaster नवीन सिन्हा की शैक्षणिक योग्यता से संबंधित दस्तावेजों की प्रामाणिकता पर भी शिकायत दर्ज होने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ता ने संबंधित विश्वविद्यालय की कथित रिपोर्ट और पुलिस शिकायत का हवाला देते हुए सवाल उठाया है कि ऐसे विवादित दस्तावेजों के संबंध में प्रशासनिक निर्णय लेने से पहले पर्याप्त सत्यापन क्यों नहीं किया गया डॉ. जनार्दन पांडेय के कार्यकाल से जुड़े कई विवादों और 10 से अधिक कथित न्यायालयीन मामलों का भी उल्लेख किया है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि किया जाना आवश्यक है। साथ ही पूरे कार्यकाल की स्वतंत्र प्रशासनिक समीक्षा कराने की मांग की गई है, ताकि विवादों के कारणों और जिम्मेदारी का निष्पक्ष निर्धारण हो सके चार दशक से अधिक समय से शिक्षा के क्षेत्र में पहचान रखने वाले संस्थान को लेकर उठ रहे इन सवालों ने अब NTPC Management और DPS Society के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि परीक्षा से जुड़े आरोपों, CCTV फुटेज, वीडियो, दस्तावेजों और सभी लंबित शिकायतों की स्वतंत्र जांच कराकर जांच रिपोर्ट और कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट की जाए निगाहें NTPC Management और DPS Society पर हैं कि इन गंभीर सवालों पर उनका आधिकारिक जवाब क्या आता है और क्या मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए जाते हैं
नोट: समाचार में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता की ओर से की गई शिकायत पर आधारित हैं। संबंधित स्कूल प्रबंधन, DPS Society, NTPC Management तथा संबंधित व्यक्तियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।













