कागजों में सब ठीक या हकीकत कुछ और? अतिथि शिक्षक की नियुक्ति से समूह संचालन तक क्या है पूरा मामला?
कागजों में सब ठीक या हकीकत कुछ और? अतिथि शिक्षक की नियुक्ति से समूह संचालन तक क्या है पूरा मामला?

चितरंगी। सिंगरौली जिले के चितरंगी क्षेत्र के नौड़ीहवा-पोड़ी में एक शिक्षक परिवार से जुड़े मामले को लेकर शिक्षा व्यवस्था और समूह संचालन पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि एक ही परिवार में चार शिक्षक होने के बावजूद परिवार से जुड़े लोगों द्वारा समूह संचालन में भी हस्तक्षेप किया जा रहा है स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि शिक्षक बाबूलाल जायसवाल के पुत्र शिवम जायसवाल की अतिथि शिक्षक के रूप में नियुक्ति तथा उपस्थिति को लेकर अनियमितताएं हुईं। आरोपों में प्रमाण-पत्र बनवाने और नियमित उपस्थिति के संबंध में भी सवाल उठाए गए हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है इसके साथ ही कथित रूप से एक समूह संचालन को लेकर भी विवाद सामने आया है। आरोप है कि पूर्व में समूह चला रहे व्यक्ति को बिना पर्याप्त जांच के हटाकर दूसरे व्यक्ति को कागजी प्रक्रिया पूरी कर संचालन सौंप दिया गया। इसमें स्थानीय अधिकारियों की भूमिका और प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं मामले को लेकर एक कथित वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बातचीत के दौरान समूह संचालन से संबंधित बातें कही जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए वीडियो की प्रामाणिकता, संदर्भ और उसमें कही गई बातों की जांच आवश्यक है अतिथि शिक्षक की नियुक्ति और उपस्थिति किस प्रक्रिया के तहत हुई? संबंधित प्रमाण-पत्रों का सत्यापन किस अधिकारी ने किया?स्कूल की उपस्थिति रजिस्टर और GFMS/e-अटेंडेंस रिकॉर्ड में क्या दर्ज है? समूह संचालन में बदलाव की प्रक्रिया नियमानुसार हुई या नहीं? क्या संबंधित परिवार के सदस्यों की भूमिका और हितों की जांच की गई? वायरल वीडियो वास्तविक है या नहीं और उसका पूरा संदर्भ क्या है? शिक्षा विभाग की आधिकारिक व्यवस्था में अतिथि शिक्षकों की जानकारी और उपस्थिति से संबंधित प्रक्रिया GFMS पोर्टल पर संचालित होती है जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए। संबंधित स्कूल के उपस्थिति रजिस्टर, GFMS रिकॉर्ड, नियुक्ति संबंधी दस्तावेज, प्रमाण-पत्र, समूह संचालन की फाइल तथा वायरल वीडियो की तकनीकी जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाए। जांच में आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई हो और यदि आरोप निराधार हों तो स्थिति भी स्पष्ट की जाए वीडियो की प्रामाणिकता, संदर्भ और उसमें कही गई बातों की जांच आवश्यक है।













