मालगाड़ियों से खुलेआम कोयला गायब, सुरक्षा एजेंसियों की कार्यशैली पर उठे सवाल सिंगरौली
कोयला चोरी पर खामोश रेलवे, प्रशासन और जनप्रतिनिधि, आखिर संरक्षण किसका?

सिंगरौली : जिले में रेलवे ट्रैक के आसपास कोयला चोरी का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। अमलोरी कोल शेमपुल से लेकर भरुआ, रेहंद और बीजपुर क्षेत्र तक गुजरने वाली मालगाड़ियों से संगठित तरीके से कोयला निकाले जाने के आरोप सामने आ रहे हैं स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन के समय बाइक सवार युवक मालगाड़ियों से कोयला निकालते दिखाई देते हैं, जबकि रात में पिकअप और ट्रैक्टर के माध्यम से बड़े पैमाने पर कोयले का परिवहन किया जाता है क्षेत्रीय नागरिकों के अनुसार रेलवे ट्रैक के किनारे कई स्थानों पर संदिग्ध गतिविधियां लगातार देखी जा रही हैं, लेकिन अब तक संबंधित विभागों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों का आरोप है कि रेलवे विभाग, जिला प्रशासन तथा सुरक्षा एजेंसियों की निष्क्रियता के कारण कोयला माफियाओं के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं सबसे गंभीर बात यह है कि यह पूरा मामला सीधे रेलवे सुरक्षा और राष्ट्रीय संपत्ति से जुड़ा हुआ है। बावजूद इसके ना तो रेलवे विभाग की ओर से सख्ती दिखाई दे रही है और ना ही प्रशासन द्वारा किसी बड़े अभियान की जानकारी सामने आई है स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विपक्षी दलों की चुप्पी पर भी लोग सवाल खड़े कर रहे हैं स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे ट्रैक पर इस प्रकार की गतिविधियां किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं मालगाड़ियों के बीच कोयला निकालने के दौरान कभी भी दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में गंभीर जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता लोगों ने रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी, जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग से संयुक्त कार्रवाई कर रेलवे ट्रैक पर चल रहे कथित कोयला चोरी के नेटवर्क पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि यदि भविष्य में कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी तय होगी।













