गैस संकट से मचा हाहाकार: अंजलि गैस एजेंसी, भारत गैस और इंडियन गैस एजेंसियों पर लापरवाही के आरोप, जनता बेहाल”
गैस संकट से मचा हाहाकार: अंजलि गैस एजेंसी, भारत गैस और इंडियन गैस एजेंसियों पर लापरवाही के आरोप, जनता बेहाल”

विशेष रिपोर्ट: अजय शर्मा
जिले में इन दिनों रसोई गैस की किल्लत ने आम जनता का जीना दूभर कर दिया है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि लोगों के घरों में चूल्हे ठंडे पड़ने लगे हैं। सबसे ज्यादा शिकायतें अंजलि गैस एजेंसी, भारत गैस एजेंसी और इंडियन गैस एजेंसी को लेकर सामने आ रही हैं, जहां उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा
“सुबह से शाम तक लाइन, फिर भी नहीं मिल रहा गैस सिलेंडर”
गैस एजेंसियों के बाहर रोजाना लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। महिलाएं और बुजुर्ग घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि एजेंसी कर्मचारी सिर्फ बहाने बनाकर लोगों को टाल रहे हैं
“मनमानी और अव्यवस्था से बढ़ी परेशानी”
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अंजलि गैस एजेंसी, भारत गैस और इंडियन गैस एजेंसी में वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। बुकिंग के कई दिन बाद भी सिलेंडर की डिलीवरी नहीं हो रही, जबकि कुछ खास लोगों को आसानी से गैस उपलब्ध हो रही है। इससे एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं
“ब्लैक मार्केटिंग का खेल?”
गंभीर आरोप यह भी हैं कि गैस सिलेंडर की कमी का फायदा उठाकर कुछ एजेंसियों से जुड़े लोग ब्लैक मार्केटिंग में लिप्त हैं। निर्धारित कीमत से अधिक दाम वसूल कर सिलेंडर बेचे जा रहे हैं, जिससे आम जनता आर्थिक रूप से भी शोषण का शिकार हो रही है
“जिम्मेदार अधिकारी खामोश, कार्रवाई नदारद”
इस पूरे मामले में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। लगातार शिकायतों के बावजूद न तो कोई जांच हो रही है और न ही किसी एजेंसी पर ठोस कार्रवाई। अधिकारियों की चुप्पी ने हालात को और बिगाड़ दिया है
“जनता में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी”
गैस संकट को लेकर अब जनता का गुस्सा खुलकर सामने आने लगा है। कई लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो वे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे
“अब बड़ा सवाल…”
क्या अंजलि गैस एजेंसी, भारत गैस और इंडियन गैस एजेंसी की मनमानी पर लगाम लगेगी?
क्या प्रशासन जागेगा या जनता यूं ही परेशान होती रहेगी?
क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा?












