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प्रतिबंधित मार्ग पर हाईवा का कहर, रात में 100 की रफ्तार से दौड़ रहे राखड़ से भरे वाहन

जिला परिवहन कार्यालय के सामने से गुजर रहे भारी वाहन, कई हादसों और मौतों के बाद भी प्रशासन खामोश 

सिंगरौली ‘ शासन कन्वेयर पुलिस लाइन पचौर मुख्य मार्ग इन दिनों आम लोगों के लिए नहीं, बल्कि कोयला राखड़ परिवहन करने वाले भारी हाईवा टेलरों का खतरनाक कॉरिडोर बन चुका है प्रतिदिन रात 11 बजे से सुबह 4 बजे तक यह मार्ग लगभग 100 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ते हाईवा टेलरों से गूंजता रहता है, जबकि यह मार्ग भारी वाहनों के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित है यह मार्ग महज 2 से 3 किलोमीटर का है, लेकिन इसी दायरे में जिला परिवहन विभाग, तहसील कार्यालय, मॉडल स्कूल, आईटीआई कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज, शासकीय कार्यालय और सेंट्रल जेल जैसे महत्वपूर्ण संस्थान स्थित हैं। इसके बावजूद नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

नियमों के अनुसार राखड़ और कोयला परिवहन के लिए कन्वेयर बेल्ट का अलग मार्ग निर्धारित है, लेकिन ट्रांसपोर्टर कुछ किलोमीटर बचाने के लिए प्रतिबंधित शहरी मार्गों से होकर गुजर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी लापरवाही के चलते कई बार गंभीर दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और लोगों की जान भी जा चुकी है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया हैरानी की बात यह है कि यह पूरा इलाका प्रशासनिक केंद्रों से घिरा हुआ है। कोतवाली थाना मात्र 5 किमी, एसपी कार्यालय 4 किमी और कलेक्ट्रेट कार्यालय भी 4 किमी की दूरी पर स्थित है। इसके बावजूद न तो पुलिस और न ही जिला परिवहन विभाग द्वारा नियमित निगरानी की जा रही है स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई बार उन्हें स्वयं रात में जागकर हाईवा टेलरों को रोकना पड़ता है। जब प्रशासन को सूचना दी जाती है, तभी कहीं जाकर अस्थायी कार्रवाई होती है, लेकिन अगले ही दिन हालात फिर वही हो जाते हैं।

लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो यह मार्ग किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है।

Author

  • अजय शर्मा | प्रधान संपादक


    ✔ भारत सरकार से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार
    RNI / PRGI / MPHIN/26/A0617

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