कटनी में सचिव की दबंगई बेलगाम! गरीब की जमीन पर कब्जा, विरोध करने पर ‘जान से मारने’ की खुली धमकी – सिस्टम बना मूकदर्शक!”
कटनी में सचिव की दबंगई बेलगाम! गरीब की जमीन पर कब्जा, विरोध करने पर ‘जान से मारने’ की खुली धमकी – सिस्टम बना मूकदर्शक!”

कटनी : मनोज सिंह परिहार
कटनी : जिले के बड़वारा जनपद की ग्राम पंचायत निगहरा सचिव ध्यान सिंह राठौर की गुंडागर्दी चरम पर, पीड़ित पंकज सोनी की निजी भूमि पर सचिव का कब्जा, दे रहा जान से मारने की धमकी,
कटनी से मनोज सिंह परिहार की रिपोर्ट
कटनी जिले की जनपद बड़वारा अंतर्गत ग्राम पंचायत निगहरा सचिव पर जमीन हड़पने और अवैध निर्माण कराए जाने का आरोप, पीड़ित ने थाने में दर्ज कराई शिकायत। बड़वारा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कांटी के एक निवासी ने ग्राम पंचायत निगहरा के सचिव पर गंभीर आरोप लगाए हैं पीड़ित का कहना है कि सचिव ने उसकी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है और वहां निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया है। पीड़ित के द्वारा मना करने पर दबंग सचिव अपनी मनमानी और अपने पद पावर के जोर पर पीड़ित को जान से मरवाने की भी धमकी दे डाला आपको बता दें कि बात यहीं खत्म नहीं हुई—उसने दो टूक शब्दों में यह कह दिया कि प्रदेश में मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, जिसका सीधा मतलब है कि सचिव अपने पद के नशे में किसी भी हद को पार करने के लिए तैयार हैं।
क्या है पूरा मामला
पीड़ित पंकज कुमार सोनी, जो ग्राम पंचायत कांटी निवासी हैं, के द्वारा बताया कि उन्होंने वर्ष 2024 में ग्राम बसाड़ी में एक जमीन खरीदी थी पंकज का आरोप है कि ग्राम पंचायत निगहरा के सचिव, ध्यान सिंह राठौर ने उनकी गैर-मौजूदगी में रात के समय उनकी जमीन पर अवैध रूप से मकान बनाकर कब्जा कर लिया।
सचिव की दबंगई – “जो करना है कर लो”
पंकज सोनी के अनुसार, जब उन्होंने इस अवैध कब्जे के बारे में सचिव से सवाल किया, तो उन्हें खुलेआम धमकाया गया। सचिव ने कथित तौर पर कहा कि वह जमीन उनकी है और वे वहां और भी निर्माण करेंगे। साथ ही पीड़ित को यह चुनौती भी दी गई कि वे कहीं भी शिकायत या एफआईआर दर्ज करा लें—उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
इंसाफ के लिए दर-दर भटकता पीड़ित
पीड़ित ने बड़वारा थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एनसीआर (Non-Cognizable Report) दर्ज कर ली है चूंकि मामला जमीन और राजस्व से जुड़ा है, इसलिए पुलिस ने पीड़ित को तहसील कार्यालय में भी आवेदन देने की सलाह दी है।
❗ बड़ा सवाल:
क्या सत्ता और पद के घमंड में चूर ऐसे अधिकारियों पर कभी कार्रवाई होगी, या यूं ही आम जनता की जमीनें हड़पकर उन्हें धमकाया जाता रहेगा?












