किसके संरक्षण में अतिक्रमण? आदेश और बेदखली वारंट के बाद भी कार्रवाई का इंतजार
राजस्व न्यायालय के आदेश की खुलेआम अनदेखी? अतिक्रमण नहीं हटने पर कलेक्टर से शिकायत

सिंगरौली। राजस्व प्रकरण में न्यायालय द्वारा पारित आदेश और बेदखली वारंट जारी होने के बावजूद शासकीय भूमि से अतिक्रमण नहीं हटाए जाने का मामला सामने आया है। ग्राम भाड़ी, तहसील सिंगरौली निवासी अखिलेश कुमार शर्मा ने इस संबंध में कलेक्टर सिंगरौली को आवेदन प्रस्तुत कर संबंधित अधिकारियों पर आदेश की अवहेलना का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है आवेदन के अनुसार, प्रकरण क्रमांक 0006/अ-68/2025-26 में माननीय तहसीलदार न्यायालय, सर्किल परसौना द्वारा 29 अक्टूबर 2025 को आदेश पारित किया गया था। उक्त आदेश के पालन के लिए 2 अप्रैल 2026 को बेदखली वारंट भी जारी किया गया, जिसमें अनावेदक को शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे आवेदक का आरोप है कि आदेश और बेदखली वारंट जारी होने के बावजूद अब तक संबंधित अधिकारियों द्वारा उसका पालन नहीं कराया गया। आवेदक के अनुसार, तहसील स्तर पर कई बार आवेदन एवं निवेदन किए जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे राजस्व न्यायालय के आदेश की खुलेआम अनदेखी किए जाने की स्थिति निर्मित हो गई है आवेदन में कहा गया है कि अतिक्रमण के कारण ग्रामीणों एवं किसानों को आवागमन तथा कृषि कार्यों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे जनहित भी प्रभावित हो रहा है अखिलेश कुमार शर्मा ने कलेक्टर से पूरे मामले में हस्तक्षेप करते हुए राजस्व न्यायालय के 29 अक्टूबर 2025 के आदेश एवं 2 अप्रैल 2026 को जारी बेदखली वारंट का तत्काल पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है अब देखना यह होगा कि राजस्व न्यायालय के आदेश के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाए जाने के मामले में जिला प्रशासन संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करता है या मामला फाइलों में ही दबा रह जाता है।













