करोड़ों की बिल्डिंग, लेकिन व्यवस्था फेल कटनी आरटीओ में जर्जर ढांचा, दलालों का कब्जा और शराबियों का अड्डा उजागर
करोड़ों की बिल्डिंग, लेकिन व्यवस्था फेल! कटनी आरटीओ में जर्जर ढांचा, दलालों का कब्जा और शराबियों का अड्डा उजागर

✍️ मनोज सिंह परिहार की रिपोर्ट
कटनी। जिले का एकमात्र आरटीओ कार्यालय इन दिनों बदहाली, अव्यवस्था और गंभीर आरोपों के चलते चर्चा में है। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार की गई इस सरकारी इमारत की हालत अब खुद ही सिस्टम की पोल खोल रही है। दीवारों से झड़ता प्लास्टर, कमजोर होती संरचना और अव्यवस्थित परिसर यह साफ संकेत दे रहे हैं कि रखरखाव में भारी लापरवाही बरती गई है।
इमारत बनी सवालों का केंद्र
कटनी से दमोह रोड स्थित टोल नाके के पास बनी यह आरटीओ बिल्डिंग गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों की लागत के बावजूद इमारत इतनी जल्दी जर्जर होना निर्माण कार्य में गड़बड़ी की ओर इशारा करता है। यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो यह मामला सार्वजनिक धन की बर्बादी का बड़ा उदाहरण बन सकता है।
पीछे का हिस्सा बना असामाजिक तत्वों का अड्डा
मौके पर निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि आरटीओ कार्यालय के पीछे का क्षेत्र शाम होते ही शराबियों और असामाजिक तत्वों का ठिकाना बन जाता है। खाली शराब की बोतलें और प्लास्टिक कचरा वहां की स्थिति को बयां कर रहे हैं। इससे न केवल परिसर की सुरक्षा पर सवाल उठते हैं, बल्कि सरकारी कार्यालय की गरिमा भी प्रभावित हो रही है।
दलालों के भरोसे चल रहा कामकाज
आरटीओ कार्यालय में आम नागरिकों की सबसे बड़ी परेशानी दलालों का दबदबा है। वाहन मालिकों और ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन जैसे सामान्य कार्य भी बिना बिचौलियों के संभव नहीं हैं।
काउंटर पर सही जानकारी का अभाव बार-बार चक्कर लगाने की मजबूरी
दलालों के जरिए ही काम होने की धारणा यह स्थिति तब है जब सरकार आरटीओ सेवाओं को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने के दावे कर रही है।
अधिकारी की अनुपस्थिति पर सवाल
सूत्रों के मुताबिक, कटनी में पदस्थ आरटीओ अधिकारी संतोष पाल का अधिकांश समय जबलपुर में बीतता है, जिससे स्थानीय कामकाज प्रभावित हो रहा है। इतना ही नहीं, उनसे संपर्क करना भी आम लोगों के लिए मुश्किल बताया जा रहा है—फोन कॉल तक रिसीव नहीं होते हालांकि, इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारी का आधिकारिक पक्ष अभी सामने आना बाकी है।
जनता के तीखे सवाल
करोड़ों की इमारत इतनी जल्दी जर्जर क्यों? दलालों की भूमिका पर रोक कब लगेगी?
क्या विभागीय निरीक्षण हुआ है? जिम्मेदार अधिकारी कब जवाब देंगे?
कटनी की जनता अब पारदर्शिता, जवाबदेही और ठोस कार्रवाई की मांग कर रही है 👉 अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग इस बदहाली पर कब संज्ञान लेता है या फिर आरटीओ कार्यालय यूं ही अव्यवस्था और विवादों का केंद्र बना रहेगा।













