कैलवारा खुर्द में करोड़ों का घोटाला? शिकायतों पर भी खामोश अधिकारी—पूर्व सरपंच के कारनामों पर कार्रवाई से क्यों डर रहा प्रशासन
कैलवारा खुर्द में करोड़ों का घोटाला? शिकायतों पर भी खामोश अधिकारी—पूर्व सरपंच के कारनामों पर कार्रवाई से क्यों डर रहा प्रशासन

मनोज सिंह परिहार | कटनी
कटनी जिले के जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द में एक बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आता नजर आ रहा है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने से बचते दिखाई दे रहे हैं मामला वर्ष 2017 का बताया जा रहा है, जब पूर्व सरपंच माधुरी पाठक के कार्यकाल में वित्तीय प्रभार संभाल रहे तत्कालीन सचिव द्वारा तीन विकास कार्यों में स्वीकृत राशि से अधिक भुगतान किए जाने के गंभीर आरोप लगे हैं अब यह मामला एक संभावित वित्तीय घोटाले का रूप ले चुका है वर्तमान सरपंच छुट्टू कोल ने इस पूरे मामले की शिकायत लगभग छह माह पहले जनपद पंचायत कटनी, जिला पंचायत कटनी और कलेक्टर कार्यालय में लिखित रूप से की थी। इसके बावजूद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो दिसंबर 2025 में दोबारा शिकायत दर्ज कराई गई इसके बाद भी न तो कोई जांच शुरू हुई और न ही किसी अधिकारी से जवाब-तलब किया गया, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं सबसे बड़ा सवाल यह है कि—क्या इतने गंभीर आरोपों के बावजूद अधिकारियों की चुप्पी सिर्फ लापरवाही है या फिर इस पूरे मामले में अंदरखाने कोई मिलीभगत भी है? नियमों की बात करें तो मध्यप्रदेश पंचायत लेखा नियम एवं सामान्य वित्तीय नियम (GFR) के अनुसार, यदि स्वीकृत राशि से अधिक भुगतान हुआ है तो दोषियों से वसूली और सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अनिवार्य होती है लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि आज तक न कोई जांच समिति गठित हुई और न ही किसी जिम्मेदार पर कार्रवाई की गई अब सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक ऐसे मामलों में प्रशासन की सुस्ती और चुप्पी भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती रहेगी? जनहित को देखते हुए ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों से राशि की वसूली की जाए और आवश्यक हो तो एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि पंचायत व्यवस्था में पारदर्शिता और जनता का विश्वास बहाल हो सके।













