फर्जी दिव्यांगता से नौकरी! कटनी शिक्षा विभाग में बड़ा घोटाला, DPC घेरे में
फर्जी दिव्यांगता से नौकरी! कटनी शिक्षा विभाग में बड़ा घोटाला, DPC घेरे में

मध्यप्रदेश के कटनी जिले में शिक्षा विभाग एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में आ गया है। जिला परियोजना समन्वयक (DPC) प्रेम नारायण तिवारी पर फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी हासिल करने और सेवा के दौरान अनुचित लाभ लेने के सनसनीखेज आरोप लगे हैं। इस मामले के सामने आने के बाद विभागीय गलियारों में हड़कंप मच गया है।
RTI से सामने आए दस्तावेज, खुली कथित साजिश
इस पूरे मामले का खुलासा शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष राकेश दुबे ने किया है। उन्होंने दावा किया कि सूचना का अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त दस्तावेजों की गहन जांच में कई गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं।
दस्तावेजों से यह संदेह गहराता है कि संबंधित अधिकारी ने कथित रूप से कूट रचित (फर्जी) दिव्यांगता प्रमाण पत्र के जरिए नियुक्ति प्रक्रिया में प्रवेश पाया और बाद में उसी आधार पर तबादला व अन्य सुविधाएं हासिल कीं।
मुख्य आरोप: नियमों की खुलेआम अनदेखी
राकेश दुबे के अनुसार, इस पूरे मामले की शिकायत मंत्री स्तर से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक की जा चुकी है। आरोपों में प्रमुख रूप से शामिल हैं —
फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर अवैध नियुक्ति
सेवा नियमों और विभागीय अनुशासन का उल्लंघन
वास्तविक दिव्यांग अभ्यर्थियों के अधिकारों का हनन
दिव्यांग कोटे का दुरुपयोग कर सुविधाजनक तबादले प्राप्त करना
दुबे का कहना है कि “दस्तावेज चीख-चीख कर बता रहे हैं कि नियुक्ति प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है। हमने शासन को सबूत सौंप दिए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना बेहद चिंताजनक है।”












