उद्योग विभाग में फर्जीवाड़े का विस्फोट: फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र से नौकरी का आरोप, शिकायत दबाने बंद कमरे में धमकी!
उद्योग विभाग में फर्जीवाड़े का विस्फोट: फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र से नौकरी का आरोप, शिकायत दबाने बंद कमरे में धमकी!

कटनी: अजय शर्मा
कटनी उद्योग विभाग में भ्रष्टाचार, फर्जीवाड़े और दबाव की राजनीति का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतकर्ता ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि कटनी जिले के उद्योग विभाग में पदस्थ राजेश पटेल ने डंके की चोट पर फर्जी 60% विकलांग प्रमाण पत्र के सहारे सरकारी नौकरी हासिल की। यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम में गहरी जड़ें जमा चुके भ्रष्टाचार का जीता-जागता उदाहरण बन चुका है। सवाल यह है कि आखिर किसके संरक्षण में यह खेल चलता रहा मामला यहीं नहीं रुका — अब सामने आया दबाव और धमकी का काला सच शिकायतकर्ता के मुताबिक, जब इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा करने हेतु शिकायतकर्ता मनोज सिंह परिहार द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत संपूर्ण दस्तावेजों की मांग की गई, तो उसे दबाने के लिए विभाग के भीतर ही सक्रिय प्रयास शुरू हो गए। इस पूरे घटनाक्रम में प्रबंधक ज्योति सिंह चौहान का नाम बेहद गंभीर रूप से सामने आया है आरोप है कि ज्योति सिंह चौहान ने शिकायतकर्ता को दिनांक 11/04/2026 को समय 11:00 बजे कार्यालय में उपस्थित होने हेतु पत्र भेजा। पत्राचार के अनुसार शिकायतकर्ता निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचा, लेकिन विडंबना यह रही कि प्रथम अपीलीय अधिकारी ज्योति सिंह चौहान द्वारा उसे बंद चेंबर में बुलाकर खुलेआम धमकाने की कोशिश की गई, ताकि मामला दब जाए और सच्चाई बाहर न आ सके यह केवल एक धमकी नहीं, बल्कि प्रशासनिक शक्ति का दुरुपयोग और लोकतांत्रिक अधिकारों का सीधा हनन है। शिकायतकर्ता मनोज सिंह परिहार का आरोप है कि यदि विभाग में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, तो निष्पक्ष जांच कराई जाए और यह देखा जाए कि उसके साथ किस प्रकार का व्यवहार किया गया। यह पूरी तरह जांच का विषय है।
बड़ा सवाल — क्या उद्योग विभाग बन चुका है “फर्जीवाड़े और दबाव” का अड्डा?
क्या राजेश पटेल की नियुक्ति नियमों के अनुसार हुई या सिस्टम को गुमराह कर हासिल की गई क्या विभाग के जिम्मेदार अधिकारी खुद ही भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रहे हैं क्या शिकायत करने वालों को डराना अब सिस्टम का नया तरीका बन गया है अगर ये आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला सिर्फ एक नौकरी का नहीं, बल्कि पूरे विभाग की विश्वसनीयता पर लगा गहरा दाग है।
अब आर-पार की लड़ाई — उठीं ये कड़ी मांगें:
राजेश पटेल के विकलांग प्रमाण पत्र और नियुक्ति की CBI/स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए प्रबंधक ज्योति सिंह चौहान के खिलाफ धमकी और दबाव बनाने के आरोपों की तत्काल जांच हो दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर सख्त कानूनी कार्यवाही की जाए पूरे मामले की निगरानी किसी उच्चस्तरीय समिति से कराई जाए यदि इस गंभीर प्रकरण पर तुरंत कार्यवाही नहीं हुई, तो यह मामला प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन और न्यायिक लड़ाई का रूप ले सकता है। अब यह केवल एक शिकायत नहीं, बल्कि सिस्टम के खिलाफ सीधी जंग बन चुकी है।













