“कटनी में पानी पर ‘इमरजेंसी’: कलेक्टर का बड़ा फैसला, 1 अप्रैल से पूरा जिला घोषित पेयजल संकट क्षेत्र”
“कटनी में पानी पर ‘इमरजेंसी’: कलेक्टर का बड़ा फैसला, 1 अप्रैल से पूरा जिला घोषित पेयजल संकट क्षेत्र”

कटनी: मनोज सिंह परिहार
कटनी। भीषण गर्मी और गिरते भूजल स्तर को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी आशीष तिवारी ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। जिले में संभावित जल संकट को देखते हुए कटनी के सभी विकासखंडों और नगरीय क्षेत्रों को 1 अप्रैल से 30 जून तक ‘पेयजल अभावग्रस्त क्षेत्र’ घोषित कर दिया गया है।
अब पानी का इस्तेमाल होगा सख्ती से नियंत्रित
जारी आदेश के अनुसार, कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति के शासकीय भूमि पर स्थित पेयजल स्रोतों का उपयोग पेयजल और घरेलू जरूरतों के अलावा अन्य किसी कार्य में नहीं कर सकेगा नदियों, नालों, स्टॉप डैम, सार्वजनिक कुओं सहित सभी जल स्रोतों को तत्काल प्रभाव से सुरक्षित श्रेणी में रखा गया है।
निजी नलकूप खुदवाने पर सख्त रोक
पेयजल संकट क्षेत्र में अब कोई भी व्यक्ति या निजी ठेकेदार बिना एसडीएम (राजस्व) की अनुमति के नया नलकूप नहीं खोद सकेगा।
हालांकि, यह आदेश शासकीय नलकूपों पर लागू नहीं होगा अनुमति के लिए निर्धारित प्रारूप और शुल्क के साथ आवेदन करना अनिवार्य होगा, साथ ही लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से तकनीकी जांच भी जरूरी होगी
जरूरत पड़ी तो निजी पानी स्रोत भी होंगे अधिग्रहित
अगर किसी क्षेत्र में सार्वजनिक जल स्रोत सूख जाते हैं और विकल्प नहीं बचता, तो प्रशासन निजी पेयजल स्रोतों का अस्थायी अधिग्रहण कर सकेगा, ताकि आम जनता को पानी मिल सके।
1 अप्रैल से लागू होगा आदेश
यह आदेश 1 अप्रैल से प्रभावी होगा, जिसके पालन की जिम्मेदारी एसडीएम”तहसीलदार “पुलिस अधिकारी नगर निकाय जनपद पंचायत एवं ग्राम पंचायत सहित सभी संबंधित विभागों पर होगी।
उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई
आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ म.प्र. पेयजल परीक्षण अधिनियम 1986 की धारा 9 और आईपीसी की धारा 188 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।













