कटनी में ‘सेटिंग’ के आगे फेल प्रशासन: कलेक्टर के आदेश बेअसर, रात में धड़ल्ले से अवैध बोरिंग
कटनी में ‘सेटिंग’ के आगे फेल प्रशासन: कलेक्टर के आदेश बेअसर, रात में धड़ल्ले से अवैध बोरिंग

कटनी: मनोज सिंह परिहार
कटनी जिले में जल संकट जैसे गंभीर मुद्दे पर भी ‘सेटिंग’ का खेल भारी पड़ता नजर आ रहा है। हालात ऐसे हैं कि नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और कार्रवाई कराने वाले ही धमकियों के साए में जीने को मजबूर हैं जिले में लगातार गिरते जलस्तर को देखते हुए कलेक्टर आशीष तिवारी द्वारा सख्त निर्देश जारी किए गए थे कि बिना एसडीएम की अनुमति के कोई भी नया नलकूप खनन नहीं किया जाएगा। साफ आदेश था — पहले परमिशन, फिर बोरिंग लेकिन बड़ा सवाल ये है… क्या ये आदेश सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गए हैं जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। जिले में बोरिंग मशीन संचालक और तथाकथित “वरिष्ठ पत्रकार” कहलाने वाले कुछ लोग रात का इंतजार करते हैं और अंधेरा होते ही नियमों का गला घोंट दिया जाता है। बड़ी-बड़ी बोरिंग मशीनें बिना किसी अनुमति के धड़ल्ले से चल रही हैं और प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर अवैध जल दोहन खुलेआम जारी है सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे खेल में कुछ ऐसे लोग सामने आ रहे हैं जो खुद को “बड़ा पत्रकार” बताकर अवैध बोरिंग माफियाओं को संरक्षण दे रहे हैं। सेटिंग का यह खेल इतना गहरा हो चुका है कि कानून भी इनके सामने बौना नजर आने लगा है वहीं दूसरी ओर, जो लोग सच में जमीनी स्तर पर सक्रिय हैं और अवैध बोरिंग की सूचना प्रशासन या पुलिस को देते हैं, उन्हें ही निशाना बनाया जा रहा है। सूचना देने वालों पर दबाव, डर और अप्रत्यक्ष धमकियों का माहौल बनाया जा रहा है। यानी अब हालात ये हैं कि गुनाह करने वाले बेखौफ हैं और सच उजागर करने वाले खौफ में जी रहे हैं।
बड़ा सवाल ये है—
क्या कलेक्टर के आदेश सिर्फ दिखावे के लिए हैं आखिर किसके संरक्षण में चल रहा है ये अवैध खेल और कब तक जल संकट के नाम पर जनता को गुमराह किया जाएगा अगर समय रहते प्रशासन ने सख्ती नहीं दिखाई, तो वो दिन दूर नहीं जब कटनी में पानी की हर बूंद के लिए हाहाकार मचेगा… और जिम्मेदार कौन होगा, यह सवाल हर गली और हर मोहल्ले में गूंजेगा अब देखना यह है कि प्रशासन जागता है या फिर ‘सेटिंग’ का यह खेल यूं ही चलता रहेगा…













