कटनी में ‘शिवा ठंडाई’ के नाम पर भांग का काला खेल! लाइसेंसी दुकानदार को खुली धमकी, पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल
कटनी में ‘शिवा ठंडाई’ के नाम पर भांग का काला खेल! लाइसेंसी दुकानदार को खुली धमकी, पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल

कटनी मनोज सिंह परिहार
कटनी। कोतवाली थाना क्षेत्र में अवैध भांग कारोबार का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि शासन के राजस्व तंत्र को भी चुनौती दे डाली है। शहर में शासन द्वारा अधिकृत लाइसेंसी भांग विक्रेता की दुकान के सामने ही खुलेआम “शिवा ठंडाई जल जीरा” के नाम पर अवैध भांग बेचे जाने का आरोप है। शिकायत के बाद पुलिस ने धारा 34 के तहत कार्यवाही तो की है, लेकिन पूरे मामले ने कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
लाइसेंसी विक्रेता विजय कुमार मिश्रा का आरोप है कि छोटू उर्फ छूट्टन ठाकुर नामक व्यक्ति गर्ग चौराहा ब्रिज के नीचे और शनिमंदिर क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रूप से भांग बेच रहा है। जबकि उसके पास न कोई वैध लाइसेंस है, न ही शासन की अनुमति। वर्षों से नियम-कानून के तहत व्यापार कर रहे अधिकृत विक्रेता का कहना है कि अवैध बिक्री से उनके व्यवसाय पर सीधा आर्थिक प्रहार हो रहा है।
पुलिस के सामने ही दी खुली चुनौती!
मामला तब और गंभीर हो गया जब शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी ने खुलेआम धमकी दी—“जहां शिकायत करनी है कर दो, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।” इतना ही नहीं, कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए जान से खिलवाड़ की धमकी तक दे डाली गई।
यदि आरोप सही हैं, तो यह केवल अवैध व्यापार का मामला नहीं, बल्कि कानून के भय के समाप्त हो जाने का संकेत भी है। सवाल यह उठता है कि आखिर किसके संरक्षण में यह कारोबार चल रहा था?
शासन को लाखों का चूना, नियमों का मजाक
लाइसेंसी दुकानों को कर, रॉयल्टी और शासन द्वारा तय सभी नियमों का पालन करना पड़ता है। वहीं अवैध विक्रेता टैक्स चोरी कर सीधे काला कारोबार करते हैं। इससे न केवल वैध व्यापार प्रभावित होता है, बल्कि शासन को भी लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान होता है।












