“जल है तो कल है” — कटनी में छात्रों ने संभाली कमान, नुक्कड़ नाटक से जगाई जनजागृति
“जल है तो कल है” — कटनी में छात्रों ने संभाली कमान, नुक्कड़ नाटक से जगाई जनजागृति

दिनेश पुरी गोस्वामी की रिपोर्ट
कटनी (बड़वारा) — कलेक्टर के निर्देशन और जिला पंचायत सीईओ हर सिमरन कौर के मार्गदर्शन में विकासखंड बड़वारा में “जल गंगा संवर्धन अभियान – जल शक्ति से नव भक्ति” कार्यक्रम का प्रभावशाली आयोजन किया गया। इस अभियान में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए जल संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस पहल में MSW/BSW के छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जल संकट की गंभीरता और संरक्षण की आवश्यकता को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। नाटक के जरिए लोगों को बताया गया कि जल की एक-एक बूंद कितनी कीमती है और इसके संरक्षण के बिना भविष्य संकट में पड़ सकता है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने जल संचयन एवं संरक्षण की शपथ ली और अपने दैनिक जीवन में पानी बचाने का संकल्प दोहराया।
जनभागीदारी से बना अभियान प्रभावी
इस आयोजन में जन अभियान परिषद की सक्रिय भूमिका रही। ब्लॉक समन्वयक नंदिनी वाटिया के साथ जनपद सदस्य विनय नागवंशी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। परामर्शदाता कंछेदी कोरी, दुर्गा प्रसाद केवट, धनीराम कुशवाहा, प्रियंका रजक, सुरेश प्रसाद कोरी, मीना विश्वकर्मा, प्रिया यादव, शकुंतला यादव, शालिनी, सीमा सिंह, जूली गुप्ता, सरस्वती ज्योति, शिवम सिंह, टिंकू बर्मन, शिवराज आदिवासी, सौरभ सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
संदेश साफ: अब नहीं संभले तो होगा संकट
कार्यक्रम के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि जल संरक्षण अब विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता बन चुका है। यदि समय रहते जल बचाने के प्रयास नहीं किए गए, तो आने वाले समय में स्थिति भयावह हो सकती है।
👉 मुख्य उद्देश्य:
जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना” युवाओं को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाना
सामुदायिक भागीदारी से जल संकट का समाधान करना
बड़वारा से उठी यह पहल अब पूरे जिले के लिए मिसाल बनती नजर आ रही है।













