कटनी में पुलिस बनाम “आप” की जंग तेज, एसपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग, हाईकोर्ट जाने की चेतावनी
कटनी में पुलिस बनाम “आप” की जंग तेज, एसपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग, हाईकोर्ट जाने की चेतावनी

कटनी: मनोज सिंह परिहार
मध्य प्रदेश का कटनी जिला इन दिनों पुलिस विभाग से जुड़े विवादों को लेकर लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। अब जिले की कानून व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली को लेकर आम आदमी पार्टी ने सीधे पुलिस अधीक्षक पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष एवं अधिवक्ता अनिल सिंह सेंगर ने डीजीपी के नाम पत्र लिखकर कटनी पुलिस अधीक्षक को तत्काल पद से हटाने तथा जिले में हाल के कई चर्चित मामलों की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब अनिल सिंह सेंगर यह शिकायत पत्र लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। आरोप है कि जब उन्होंने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष डेहरिया को पत्र सौंपने का प्रयास किया, तो उन्होंने पत्र लेने से ही इनकार कर दिया। बताया जा रहा है कि अपने ही विभाग के मुखिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग वाला पत्र देखकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक असहज हो गए और पत्र वापस लौटा दिया। इस घटनाक्रम के बाद अब पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं आम आदमी पार्टी जिला अध्यक्ष अनिल सिंह सेंगर का आरोप है कि जिले में लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जिनसे पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं। उन्होंने पहरुआ मंडी में बारातियों के साथ कथित मारपीट, पुलिस कर्मचारियों के रिश्वत लेते पकड़े जाने और निरीक्षक राहुल पांडे के बिना अनुमति विदेश यात्रा पर जाने जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं ने पूरे विभाग की छवि धूमिल कर दी है। बताया जा रहा है कि थाईलैंड यात्रा मामले में पुलिस मुख्यालय ने भी संज्ञान लिया था, जिसके बाद मामला और चर्चाओं में आ गया राजनीतिक गलियारों में भी इस घटनाक्रम को लेकर हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यदि शिकायत पत्र तक लेने से इनकार किया जा रहा है तो आम जनता की शिकायतों का क्या हाल होगा। वहीं कई लोगों का मानना है कि यह मामला अब केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि राजनीतिक रूप भी ले सकता है अनिल सिंह सेंगर ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि यदि पुलिस विभाग निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करता तो वे इस पूरे मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे। उनका आरोप है कि विभाग अपने अधिकारियों को बचाने का प्रयास कर रहा है और शिकायतों को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी शिकायत रखने का अधिकार है और यदि पुलिस प्रशासन ही शिकायत लेने से मना कर दे तो यह बेहद गंभीर विषय है सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में यह मामला और गर्मा सकता है। आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को प्रदेश स्तर तक ले जाने की तैयारी में है। वहीं जिले में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर भी बहस तेज हो गई है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस मुख्यालय और जिला प्रशासन इस पूरे मामले में क्या रुख अपनाते हैं।













