कटनी में ‘टैक्स आतंक’ का खुलासा! 20 साल से जनता से अवैध वसूली का आरोप, AAP ने खोला मोर्चा
कटनी में ‘टैक्स आतंक’ का खुलासा! 20 साल से जनता से अवैध वसूली का आरोप, AAP ने खोला मोर्चा

मनोज सिंह परिहार की रिपोर्ट
कटनी — नगर पालिक निगम कटनी एक बार फिर गंभीर विवादों में घिरता नजर आ रहा है। जलकर के नाम पर चक्रवर्ती ब्याज और अधिभार की कथित अवैध वसूली को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने प्रशासन के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि बीते लगभग 20 वर्षों से नागरिकों और व्यापारियों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है इंडियन कॉफी हाउस में आयोजित नवनियुक्त पदाधिकारियों के शपथ एवं सम्मान समारोह के बाद हुई प्रेस वार्ता में जिला अध्यक्ष अनिल सिंह सेंगर ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि वर्ष 2006 में नगर निगम परिषद द्वारा चक्रवर्ती ब्याज लागू करने का प्रस्ताव तो पारित किया गया था, लेकिन इसे राज्य शासन और नगरीय विकास विभाग से कभी मंजूरी नहीं मिली। इसके बावजूद नगर निगम लगातार यह वसूली करता रहा उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 में निगम परिषद द्वारा इस व्यवस्था को समाप्त करने का प्रस्ताव भी पारित कर दिया गया था, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नहीं हुआ और आज तक जनता से यह राशि वसूली जा रही है AAP ने इसे “जजिया कर जैसा अन्यायपूर्ण और जनविरोधी कदम” बताते हुए सीधे तौर पर नगर निगम प्रशासन के साथ-साथ भाजपा और कांग्रेस दोनों पर भी निशाना साधा। पार्टी का कहना है कि दोनों ही दलों ने वर्षों तक इस मुद्दे पर चुप्पी साधे रखी, जिससे यह साफ है कि जनता के आर्थिक शोषण में दोनों बराबर के जिम्मेदार हैं इसके अलावा पार्टी ने संपत्ति कर में हालिया वृद्धि को भी गरीब, मजदूर और मध्यम वर्ग के खिलाफ बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की।
AAP की प्रमुख मांगें:
तत्काल प्रभाव से चक्रवर्ती ब्याज और अधिभार की वसूली बंद की जाए
वर्ष 2006 से 2026 तक वसूली गई पूरी राशि जनता को वापस की जाए
बढ़ा हुआ संपत्ति कर तुरंत वापस लिया जाए
जिम्मेदार अधिकारियों और पूर्व व वर्तमान महापौरों पर सख्त कार्रवाई हो
पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए
उग्र आंदोलन की चेतावनी
आम आदमी पार्टी ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो पार्टी सड़क से लेकर न्यायालय तक उग्र आंदोलन करेगी।
कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थिति
कार्यक्रम में प्रदेश कोर कमेटी सदस्य शिव प्रताप सिंह परमार, जिला अध्यक्ष अनिल सिंह सेंगर, सुशील जैन (नंदू भैया), प्रकाश जैन, अंकित खटीक, रामानुज मिश्रा, सतीश दुबे, अफरोज खान, विवेक बघेल, पूरन दुबे, करीम खान, उमाशंकर पटेल, देवीदयाल यादव, लखन सिंह, ललित दुबे, अरविंद्र ठाकुर, शेख खत्री, रामरतन नामदेव, अंकित खरे, गौकरण दाहिया, रामसिया गुप्ता, अमित कचेर, महेंद्र सोनी, संतोष सिंह, विनय लोधी, अजय चौधरी, प्रद्युम्न यादव, देवेंद्र सिंह, राजकुमार कुशवाहा, आयुष ठाकुर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
👉 बड़ा सवाल:
अगर 20 साल से अवैध वसूली हो रही थी, तो आखिर जिम्मेदार कौन — सिस्टम, नेता या प्रशासन?













