अत्याचार की शिकार महिला पहुंची आईजी दफ्तर न्याय की मांग पुलिस पर पक्षपात के आरोप
अत्याचार की शिकार महिला पहुंची आईजी दफ्तर न्याय की मांग पुलिस पर पक्षपात के आरोप

(मध्य प्रदेश)- सिंगरौली जिले के चितरंगी थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस व्यवस्था और कानून के राज पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। एक आदिवासी दलित महिला के साथ पहले दुष्कर्म और मारपीट जैसी जघन्य घटनाएं हुईं, और जब उसने न्याय की गुहार लगाई, तो पहले समझौता करने का दबाव बनाया गया बात नहीं बनी, तो पीड़िता को ही अब झूठे मामले में फंसाकर प्रताड़ित किए जाने का आरोप है घर में घुसकर हमला- पीड़िता रूपा कोल के अनुसार, 9 अप्रैल 2026 की रात करीब 9:30 बजे गांव के दबंग गंगेश्वर धर द्विवेदी, हरी कोल, कैलाश कोल का पुत्र सहित अन्य लोग जबरन उसके घर में घुस आए। आरोप है कि आरोपियों ने जाति सूचक गालियां दीं, बेरहमी से मारपीट की और जान से मारने की नीयत से हमला किया पुरानी शिकायतों पर भी पुलिस मौन- पीड़िता ने बताया कि यह पहली घटना नहीं है। 17 फरवरी 2026 को भी उसके साथ रास्ता रोककर गाली-गलौज और जातिगत अपमान किया गया था। डायल 112 पर शिकायत दर्ज होने के बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं दुष्कर्म मामले में भी लीपापोती के आरोप- पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके साथ पूर्व में दुष्कर्म की घटना हुई थी, लेकिन थाना प्रभारी सुधेश तिवारी ने रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय समझौते का काफी दबाव बनाए परंतु उच्च स्तर पर शिकायत के बाद मामला दर्ज तो हुआ, लेकिन इसके बाद से पुलिस का रवैया पीड़िता के प्रति प्रति शोधात्मक हो गया घटना के बाद पुलिस की संदिग्ध भूमिका- 9 अप्रैल की घटना की सूचना देने के बावजूद पुलिस करीब तीन घंटे देरी से मौके पर पहुंची। आरोप है कि पुलिस पहले सरपंच के घर गई और मामले को दबाने की कोशिश की गई, जिससे निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं
न्याय मांगने गई खुद बन गई आरोपी- 10 अप्रैल 2026 को जब पीड़िता थाना चितरंगी शिकायत दर्ज कराने पहुंची, तो उसे ही थाने में बैठा लिया गया और उसके खिलाफ अपहरण का कथित झूठा मामला दर्ज कर दिया गया। पीड़िता का कहना है कि यह कार्रवाई उसे डराने और चुप कराने के लिए की गई है
सरपंच पर संरक्षण के आरोप- बताया जा रहा है इस मामले में गांव के सरपंच आशीष धर द्विवेदी और गंगेश्वर धर द्विवेदी शराबी शिक्षक आरोपियों को बचाने और पूरे मामले को दबाने में तन मन धन के साथ पूरा भूमिका निभा रहे हैं।
दहशत में जी रहा आदिवासी परिवार- पीड़िता और उसके परिवार को लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। दबंगों ने गांव में ऐसी हालात निर्मित कर दिए हैं कि पीड़िता का पूरा परिवार भय और असुरक्षा के साए में जीने को मजबूर है।
आईजी से लगाई न्याय की गुहार- पीड़िता ने पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रीवा से मांग की है कि- पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, सभी आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफ आई आर दर्ज हो, दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई हो , और झूठे प्रकरण को निरस्त किया जाए।
पीड़िता सुरक्षा की मांग- पीड़िता ने आईजी को दिए गए रिपोर्ट में अपने साथ पूरे परिवार की सुरक्षा की मांग की है यह मामला सिर्फ एक महिला के साथ हुए अत्याचार का नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की निष्पक्षता और संवेदनशीलता की परीक्षा है। जब पीड़ित ही आरोपी बना दिया जाए, तो न्याय व्यवस्था पर भरोसा कैसे कायम रहेगा—यह सवाल पूरे क्षेत्र में गूंज रहा है
अब देखना यह है कि- क्या उच्च अधिकारी इस गंभीर मामले में हस्तक्षेप कर पीड़िता को न्याय दिला पाएंगे, या झूठा मामला कायम करने में चर्चित थाना प्रभारी इस मामला को भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दवा देंगे।













