मोरवा में रामनवमी पर अनुशासन की मिसाल: 20 हजार श्रद्धालुओं की 7 KM शोभायात्रा, बिना विवाद रचा इतिहास
“मोरवा में रामनवमी पर अनुशासन की मिसाल: 20 हजार श्रद्धालुओं की 7 KM शोभायात्रा, बिना विवाद रचा इतिहास”

सिंगरौली | मोरवा | अजय शर्मा
जिले में बीते दिनों तक जिस मोरवा की पहचान अव्यवस्था, तनाव और विवादों से जुड़ी हुई थी…उसी मोरवा ने आज इतिहास रच दिया रामनवमी के पावन अवसर पर थाना मोरवा क्षेत्र में निकली भव्य शोभायात्रा ने न सिर्फ आस्था का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया, बल्कि कानून व्यवस्था और सामाजिक एकता की ऐसी मिसाल पेश की, जिसने पूरे जिले को सोचने पर मजबूर कर दिया 20,000 से ज्यादा श्रद्धालु, 7 किलोमीटर लंबी आस्था की लहर आज निकली इस शोभायात्रा में 20,000 से अधिक श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा ढोल-नगाड़ों, जय श्रीराम के उद्घोष और धार्मिक झांकियों के साथ यह यात्रा पूरे मोरवा क्षेत्र में लगभग 7 किलोमीटर तक अनुशासित ढंग से निकाली गई यह सिर्फ एक यात्रा नहीं थी…
यह मोरवा की बदलती तस्वीर का ऐलान था जहां कभी बवाल हुआ… वहीं आज मिसाल बनी भीड़
याद दिला दें, यही मोरवा कुछ दिन पहले पवन हत्याकांड को लेकर सुर्खियों में था स्थिति इतनी बिगड़ी थी कि पुलिस की गाड़ियों के शीशे तोड़े गए, पुलिस-पब्लिक आमने-सामने आ गई थी लेकिन आज…वही जनता संयम, शांति और अनुशासन का परिचय देते हुए पूरे कार्यक्रम को सफल बना गई
सवाल : क्या मोरवा अब सच में बदल रहा है? नवागत थाना प्रभारी का पहला दिन — और बड़ा इम्तिहान
आज ही के दिन नवागत थाना प्रभारी डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह ने पदभार संभाला और पहले ही दिन उनके सामने था — इतना बड़ा आयोजन लेकिन पुलिस की सख्ती और रणनीति साफ नजर आई जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती हर संवेदनशील पॉइंट पर निगरानी भीड़ को नियंत्रित करने की सटीक व्यवस्था नतीजा — पूरी शोभायात्रा बिना किसी विवाद के संपन्न
पूरा प्रशासन मैदान में — एक-एक मोर्चे पर निगरानी इस आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा
मौजूद रहे:
एडिशनल एसपी”एसडीओपी मोरवा”महिला थाना प्रभारी”चितरंगी थाना प्रभारी माड़ा थाना प्रभारी कई अन्य थाना व चौकी प्रभारी अपनी-अपनी टीम के साथ साफ दिखा — इस बार कोई चूक नहीं, पूरी तैयारी थी आयोजन समिति ने जताया आभार मोरवा आयोजन समिति ने जिला प्रशासन पुलिस विभाग और सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता ने शांति बनाए रखकर इस कार्यक्रम को भव्य बनाया, यह मोरवा के लिए गर्व की बात है मोरवा की नई पहचान — डर नहीं, अनुशासन
आज का दिन सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं था…यह एक संदेश था अगर जनता ठान ले, तो हालात बदलते देर नहीं लगती
जिस मोरवा को लोग पहले डर और विवाद से जोड़ते थे आज वही मोरवा अनुशासन, आस्था और एकता का प्रतीक बन गया
अब बड़ा सवाल
क्या यह बदलाव स्थायी रहेगा? या फिर मोरवा फिर पुराने विवादों में उलझेगा? फिलहाल तो तस्वीर साफ है — आज मोरवा जीता है… और जीत गई है शांति













