कन्हवारा में विकास कार्यों पर उठे सवाल: 15 दिन में निराकरण नहीं तो घेराव और चक्काजाम
कन्हवारा में विकास कार्यों पर उठे सवाल: 15 दिन में निराकरण नहीं तो घेराव और चक्काजाम

कटनी, 04 मई 2026 : ग्राम कन्हवारा में व्याप्त भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम 8 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के निराकरण की मांग की। डिप्टी कलेक्टर द्वारा ज्ञापन प्राप्त कर आवक क्रमांक 4526 दर्ज किया गया ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में विकास कार्यों के नाम पर भ्रष्टाचार और अनियमितताएं चरम पर हैं, जबकि प्रशासन लगातार अनदेखी कर रहा है। ज्ञापन में सड़क, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल और कानून व्यवस्था से जुड़े गंभीर मुद्दे उठाए गए हैं ग्रामवासियों ने करूआ रोड के वर्षों से अधर में लटके निर्माण को राजनीतिक खींचतान का परिणाम बताया। बरसात से पहले खोदे गए नाले से दुर्घटना का खतरा भी जताया गया है। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की नाली निर्माण में आधा काम कर पूरी राशि निकालने का आरोप लगाया गया है।
आदिवासी बस्ती छघरा में अधूरी और घटिया सड़क निर्माण को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पूरी राशि निकाल ली गई, जबकि काम अधूरा और गुणवत्ताविहीन है।
अवैध इलाज और बिजली व्यवस्था पर भी सवाल
ज्ञापन में ‘मित्रा मेडिकल’ के नाम पर अवैध इलाज चलने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों ने क्लीनिक को सीज कर आपराधिक कार्रवाई की मांग की है मेला मैदान में ट्रांसफार्मर नहीं लगाने के बावजूद पूरी राशि भुगतान और व्यापारियों से वसूली को भी घोटाला बताया गया है बिजली लापरवाही से गौवंश की मौत प्राचीन शिव मंदिर के पास हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से गौवंश की मौत पर ग्रामीणों ने बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहराते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है योजनाओं से वंचित और शराब माफिया सक्रिय लाड़ली बहना योजना से पात्र महिलाओं के वंचित रहने और गांव में शराब दुकान पर ओवररेटिंग व अवैध पैकारी के आरोप भी लगाए गए हैं।
15 दिन का अल्टीमेटम
ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर सभी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो कलेक्ट्रेट का घेराव और चक्काजाम किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास, संभागायुक्त जबलपुर और पुलिस अधीक्षक कटनी को भी भेजी गई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर क्या कदम उठाता है।













