माफियाओं के कब्जे में कौंहरी नदी! अवैध प्लॉटिंग से अस्तित्व संकट में, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
माफियाओं के कब्जे में कौंहरी नदी! अवैध प्लॉटिंग से अस्तित्व संकट में, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल

कटनी | मनोज सिंह परिहार की रिपोर्ट
कटनी जिले में दबंग भू-माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे प्राकृतिक संसाधनों पर भी खुला अतिक्रमण करने से नहीं चूक रहे। जबलपुर-कटनी बाईपास स्थित खसरा नंबर 60/1 में बहने वाली कौंहरी नदी का अस्तित्व आज गंभीर संकट में नजर आ रहा है सूत्रों के अनुसार, भू-माफियाओं द्वारा सुनियोजित तरीके से नदी की जमीन पर कब्जा कर अवैध प्लॉटिंग का खेल खेला जा रहा है। कभी दर्जनों गांवों की जीवनरेखा मानी जाने वाली यह नदी आज अतिक्रमण की भेंट चढ़ती दिखाई दे रही है बताया जा रहा है कि नदी के किनारों को पाटकर वहां मिट्टी और मलबा डाला जा रहा है, जिससे नदी का प्राकृतिक बहाव और क्षेत्र लगातार संकुचित होता जा रहा है। इससे न केवल नदी का स्वरूप बिगड़ रहा है, बल्कि आने वाले समय में जलभराव और गंभीर पर्यावरणीय संकट की आशंका भी बढ़ गई है सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस पूरे मामले में जिला प्रशासन की भूमिका क्या है? क्या जिम्मेदार अधिकारियों को इस अवैध कब्जे की जानकारी नहीं है, या फिर सब कुछ जानते हुए भी अनदेखा किया जा रहा है? प्रशासन की चुप्पी अब संदेह के घेरे में है
नदी के अस्तित्व को लेकर आसपास के गांवों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। ग्राम पंचायत केलवारा खुर्द, पौसरा, खरखरी सहित अन्य गांवों के ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही भू-माफियाओं पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो क्षेत्र में पानी की भारी किल्लत उत्पन्न हो सकती है ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते अतिक्रमण नहीं रोका गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मामले की तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि कौंहरी नदी का अस्तित्व बचाया जा सके।













