उद्योग विभाग में ‘आरामशाही’ हावी — बाबू 11:30 बजे की एंट्री, सिस्टम बना मजाक, अधिकारी मौन
उद्योग विभाग में ‘आरामशाही’ हावी — बाबू 11:30 बजे की एंट्री, सिस्टम बना मजाक, अधिकारी मौन

कटनी | मनोज सिंह परिहार की रिपोर्ट
जिला मुख्यालय कटनी के उद्योग विभाग में सरकारी नियम और अनुशासन अब सिर्फ कागजों तक सीमित नजर आ रहे हैं। जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है, जहां एक बाबू पूरे सिस्टम पर भारी पड़ता दिख रहा है विभाग में पदस्थ बाबू दुर्गा प्रसाद सोनी पर गंभीर आरोप हैं कि वे निर्धारित समय की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। जहां कार्यालय का समय सुबह से तय है, वहीं उनकी उपस्थिति अक्सर सुबह 11:30 बजे के बाद ही दर्ज होती है चौंकाने वाली बात यह है कि देर से आने के बावजूद वे अपने कार्य में सक्रिय नजर नहीं आते। सूत्रों के अनुसार, कार्यालय पहुंचने के बाद वे किसी खाली चेंबर में जाकर आराम फरमाते दिखते हैं, जिससे सरकारी कामकाज पर सीधा असर पड़ रहा है सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह सब कुछ ड्यूटी टाइम में खुलेआम होने के बावजूद भी किसी अधिकारी की नजर क्यों नहीं पड़ रही? या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही है विभागीय अंदरूनी चर्चाओं की मानें तो संबंधित बाबू की अधिकारियों पर मजबूत पकड़ के चलते उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। यही वजह है कि पूरे विभाग में “जब सैंया भए कोतवाल, तो डर काहे का” जैसी स्थिति बनी हुई है नियमों के मुताबिक, मध्यप्रदेश शासकीय सेवा (आचरण) नियम स्पष्ट कहते हैं कि हर कर्मचारी का समय पर उपस्थित रहना और ड्यूटी के दौरान कार्य करना अनिवार्य है। बिना अनुमति देरी से आना और कार्य में लापरवाही बरतना सीधे तौर पर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है, जिसके लिए दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान भी है।
अब बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि— 👉 क्या जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में कार्रवाई करेंगे?
👉 या फिर यूं ही चलता रहेगा ‘आराम फरमाने का राज’ और नियम सिर्फ फाइलों में कैद रह जाएंगे?













