डिजिटल युग में मोबाइल रिपेयरिंग का बढ़ता कारोबार, लेकिन क्या ग्राहक हो रहे हैं ठगी का शिकार…?
डिजिटल युग में मोबाइल रिपेयरिंग का बढ़ता कारोबार, लेकिन क्या ग्राहक हो रहे हैं ठगी का शिकार…?

आज डिजिटल युग का दौर है। देश-दुनिया तेजी से तकनीक के सहारे आगे बढ़ रही है और लगभग हर व्यक्ति के हाथ में स्मार्टफोन दिखाई दे रहा है। मोबाइल अब केवल बातचीत का साधन नहीं रहा, बल्कि शिक्षा, व्यापार, बैंकिंग, सोशल मीडिया, सरकारी योजनाओं की जानकारी से लेकर रोजमर्रा की जिंदगी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है
लेकिन जिस मोबाइल फोन पर आज हर व्यक्ति इतना निर्भर हो चुका है, वही मोबाइल जब तकनीकी खराबी का शिकार होता है, तब ग्राहक जल्द से जल्द उसे ठीक कराने के लिए आसपास मौजूद निजी मोबाइल रिपेयरिंग दुकानों का सहारा लेता है। ग्राहक के मन में एक ही बात रहती है कि पास में दुकान है, समय की बचत होगी और मोबाइल जल्दी ठीक हो जाएगा यहीं से शुरू होता है एक ऐसा खेल, जिसे अधिकांश ग्राहक समझ ही नहीं पाते। अक्सर देखा जाता है कि ग्राहक जब किसी प्राइवेट मोबाइल रिपेयरिंग दुकान पर पहुंचता है, तो दुकानदार मोबाइल को हाथ में लेकर कुछ देर जांच करता है और फिर कहता है – “कल आ जाइए, मोबाइल बनाकर दे देंगे।” ग्राहक भी संतुष्ट होकर मोबाइल दुकान में छोड़ देता है और सोचता है कि अब उसकी समस्या खत्म हो जाएगी।
दूसरे दिन ग्राहक वापस पहुंचता है। दुकानदार मोबाइल वापस देता है, मोबाइल चालू होता है, ऊपर से सब कुछ सामान्य दिखाई देता है। ग्राहक खुश होकर रिपेयरिंग के पैसे देता है और मोबाइल लेकर घर चला जाता है लेकिन असली सवाल तब खड़ा होता है जब वही मोबाइल 2 महीने, 3 महीने, 4 महीने या अधिकतम 6 महीने के भीतर दोबारा खराब होने लगता है। ग्राहक फिर उसी दुकान पर पहुंचता है। वहां फिर वही प्रक्रिया दोहराई जाती है – “मोबाइल रख दीजिए, कल लेकर जाइए कई मामलों में ऐसा देखा गया है कि अगले दिन दुकानदार अचानक जवाब देता है – “अब आपका मोबाइल पूरी तरह खराब हो चुका है, यह नहीं बन पाएगा गुस्से और मजबूरी में ग्राहक अक्सर अपने मोबाइल को सस्ते दामों में बेच देता है या नया मोबाइल खरीदने की सोचने लगता है। लेकिन शायद बहुत कम लोगों के मन में यह सवाल आता है कि आखिर वह मोबाइल, जो एक दिन पहले ठीक था, वह अचानक पूरी तरह खराब कैसे हो गया…?
क्या उस 24 घंटे के दौरान मोबाइल के साथ कोई छेड़छाड़ हुई…? क्या मोबाइल के अंदर लगे किसी महत्वपूर्ण पार्ट्स को निकाल दिया गया…? क्या ग्राहक की अनजानगी का फायदा उठाकर मोबाइल के मूल पुर्जों से समझौता किया गया…?
यह ऐसे सवाल हैं जो आज हजारों मोबाइल उपयोगकर्ताओं के मन में उठने चाहिए। क्योंकि तकनीकी जानकारी की कमी के कारण अधिकांश ग्राहक यह समझ ही नहीं पाते कि उनके मोबाइल के साथ वास्तव में हुआ क्या है यदि यही ग्राहक समय रहते अपने मोबाइल से संबंधित कंपनी के अधिकृत सर्विस सेंटर पर जाए, तो संभव है कि मोबाइल की खराबी कम खर्चे में ठीक हो जाए। वहां प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारी कंपनी के निर्धारित मानकों के अनुसार मोबाइल की जांच करते हैं, ओरिजिनल पार्ट्स का उपयोग करते हैं और ग्राहक को पूरी जानकारी देकर सेवा प्रदान करते हैं कंपनी केयर सर्विस सेंटर में ग्राहक को यह भरोसा रहता है कि उसके मोबाइल के साथ किसी प्रकार की अनावश्यक छेड़छाड़ नहीं की जाएगी और समस्या का समाधान सही तरीके से किया जाएगा अब फैसला ग्राहकों को करना है कि वे केवल जल्दी के चक्कर में नजदीकी प्राइवेट दुकानों पर भरोसा करेंगे या फिर अपने कीमती मोबाइल को सुरक्षित रखने के लिए अधिकृत कंपनी सर्विस सेंटर का चुनाव करेंगे विशेष जानकारी सिंगरौली जिले के बैढ़न स्थित रामलीला मैदान के बगल में मौजूद Vivo Care Service वीवो मोबाइल उपयोगकर्ताओं के लिए बेहतर और भरोसेमंद सेवा उपलब्ध करा रहा है। यहां कम खर्चे में मोबाइल की तकनीकी जांच की जाती है, आवश्यक पार्ट्स लगाए जाते हैं तथा पूरी तरह चेक करने के बाद ही ग्राहक को मोबाइल वापस दिया जाता है मोबाइल की सुरक्षा और बेहतर सेवा के लिए अधिकृत सर्विस सेंटर का चयन करना ही समझदारी है।









